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Nuh Update: हरियाणा के इस जिले ने अनपढ़ से लेकर 10 पास पढ़े-लिखे लोगों ने तोड़े ठगी के सारे रिकॉर्ड

Riskynews Webteam: नूह:- Nuh Update, हरियाणा में मेवात जिला सबसे पिछड़ा है, इसी पहचान के साथ अब मेवात को साइबर क्राइम और तातलूबाज गैंग के नाम से भी जाना जाता है। नूंह जिले के साथ, मेवात क्षेत्र राजस्थान के भरतपुर और अलवर जिलों तक फैला हुआ है। इन जिलों के 40 गांवों के युवा साइबर ठगी में सक्रिय हैं। मेवात में साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं।

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पुलिस ने 2 लाख सिम बंद किए
पुलिस ने इन 40 गांवों में करीब दो लाख सिम भी बंद कर दिए हैं। सिर्फ हरियाणा ही नहीं बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के साइबर सेल से मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. पुलिस ने सिम तो ब्लॉक कर दी है, लेकिन जालसाजों की पहचान होने के बाद भी उन्हें पकड़ने से कतरा रही है. विशेष अभियान चलाकर ही ठगों को पकड़ा जा सकता है।

आठवीं पास युवक ठगी करने में माहिर है
जामताड़ा के बाद मेवात साइबर क्राइम के मामले में दूसरे नंबर पर है। हरियाणा-राजस्थान के मेवात क्षेत्र में बैठे ठग अलग-अलग राज्यों के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। अनपढ़ से लेकर 8वीं और 10वीं पास युवा ठगी में उस्ताद हो गए हैं। पिछले साल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेटी को भी साइबर ठगों ने शिकार बनाया था। साइबर ठगों की तलाश में आए दिन किसी न किसी राज्य की पुलिस मेवात में छापेमारी करती रहती है।

झोपड़ियों में बैठकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं
मेवात का आपसी भाईचारा भी पूरे देश में मिसाल है। अब क्षेत्र के लोग भी ऐसे लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं। मेवात के साइबर अपराधी जहां झोपड़ियों में बैठकर ऑनलाइन ठगी करते हैं, वहीं इन बदमाशों के राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में एटीएम मशीन हैक कर पैसे लूटने के मामले भी सामने आए हैं. हाल के दिनों में महाराष्ट्र, बेंगलुरु, आगरा, जयपुर और हैदराबाद की पुलिस ने कई साइबर ठगों को पकड़ा है।

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पुलिस बड़ा अभियान चला सकती है
राजस्थान पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2019 से 2022 के बीच 560 से ज्यादा साइबर क्राइम के मामले दर्ज किए गए. इनमें से ज्यादातर मामले भरतपुर, अलवर और भिवाड़ी में हुए। इसी तरह नूंह में 2021 से 2022 के बीच 49 मामले दर्ज हुए। नूंह पुलिस ने इन मामलों से जुड़े 21 अपराधियों को गिरफ्तार कर उनसे वसूली की है। पुलिस द्वारा कोई बड़ा ऑपरेशन चलाया जा सकता है।

जारी हेल्पलाइन नंबर
नूंह में साइबर थाना खुलने के बाद शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया गया है। लोगों से अपील है कि फोन पर मैसेज या कॉल के दौरान किसी अनजान व्यक्ति से बात न करें, नहीं तो साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं और न ही किसी तरह के लिंक पर क्लिक करें।

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